Top Pharmacy Colleges in India

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करियर के रूप में फार्मेसी  (Pharmacy as a Career)

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फार्मेसी (Pharmacy) को सरल भाषा में परिभाषित करे तो यह मुख्य रूप से औषधीय दवाओ की तैयारी, शोध, और वितरण करने का विज्ञान और तकनीक है| फार्मेसी करियर के रूप में दवाओ को तैयार करने के बहुत से तरीके बताती है और कितनी मात्रा  में कौन सी दवा कब लेनी है रोगियों को बताता है जिससे वह स्वास्थ हो सके यह भी फार्मेसी ही सिखाती है| फार्मेसी में करियर को विकास के बहुत से अवसर मिलते है इसमे लाभ, लचीलापन, उच्च वेतन क्षमता शामिल है| फार्मेसी समय समय पर शोध करता रहता है जिससे नई दवाओ की खोज होती रहती  है| और रोगी जीवन स्तर में सुधार और उन्हें दवा की जानकारी प्राप्त होती है|

कोविड-१९(Covid-19) का प्रकोप पूरे विश्व में है, सभी देशो ने लॉक डाउन लगा रखा है, इस संकट की घड़ी में फार्मेसी पेशे से जुड़े फार्मासिस्ट अपना पूर्ण योगदान दे रहे है| फार्मासिस्ट ही  कोविड-१९(Covid-19) की वैक्सीन और दवा बनाने में लगा है| इस महामारी में फार्मेसी पेशा ही फार्मासिस्ट की भूमिका पर प्रकाश डालता है |

 

फार्मासिस्ट कौन है? (who is a Pharmacist?)

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यदि आप विज्ञान, अनुसन्धान,कंप्यूटर और स्वास्थ सेवा के मिश्रण से स्नेह करते है; तो आपको फार्मेसी का क्षेत्र बहुत रोमांचक लगने वाला है| समान्यता देखा गया है लोग फार्मासिस्ट को सिर्फ मेडिकल स्टोरों में काम करने वाला मानते है| जो मुख्य रूप से सत्य नही है|

फार्मासिस्ट स्वास्थ विभाग में एक पद है, फार्मेसी में काम सीधे शब्दों में कहा जाय तो अभ्यास करते है| वे रोगियों के दवा वितरण के सभी क्षणों में शामिल रहता है| फार्मासिस्ट दवा को तैयार और पैक करते है| डॉक्टर के कह अनुसार काउंटर पर दवा बेचते है| एक फार्मासिस्ट ही आपको बताता है की दवा कब और कैसे लेनी है, आपकी दवा क्या है? और कैसे काम करती है| फार्मासिस्ट, दवाओ में उपस्थित रसायनों की जानकारी प्रदान करता है|

            “बिन फार्मासिस्ट (Pharmacist) फार्मेसी अधूरी है|”

 

भारत में फार्मासिस्ट कैसे बने ? (How to become a Pharmacist in India?)

फार्मास्यूटिकल पाठ्यक्रमो में एक थ्योरी, प्रैक्टिकल क्लास, परीक्षाए, साथ में ही इंडस्ट्री/अस्पतालों में कुछ महीनो का प्रशिक्षण शामिल है| इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए, न्यूनतम शैक्षिक योग्यता १०+२  भौतिक विज्ञान, रसायनविज्ञान  तथा जीव विज्ञान (पीसीबी) या भौतिक विज्ञान, रसायनविज्ञान  तथा गणित (पीसीएम) या भौतिक विज्ञान, रसायनविज्ञान  तथा जीव विज्ञान तथा गणित (पीसीबीएम) विषयों के साथ पास होना जरुरी है|

  • आप १०+२ में विज्ञान वर्ग ले, आप विषयों के किसी भी संयोजन को ले सकते है : भौतिक विज्ञान, रसायनविज्ञान  तथा जीव विज्ञान (पीसीबी) या भौतिक विज्ञान, रसायनविज्ञान  तथा गणित (पीसीएम) या भौतिक विज्ञान, रसायनविज्ञान  तथा जीव विज्ञान तथा गणित (पीसीबीएम)|
  • आप विज्ञान वर्ग से १०+२ के बाद नीचे सूचीबद्ध किसी भी पाठ्यक्रम को ले सकते है| ये पाठ्यक्रम उनकी डीग्री, समय-सीमा और अवसरों के सन्दर्भ में भिन्न है|

 

फार्मेसी (Pharmacy) में डिप्लोमा (डी.फार्मा):

यदि आप भारत में अपना स्वयं का मेडिकल स्टोर खोलना चाहते है और फार्मेसी का अभ्यास करना चाहते है तो आप के पास कम से कम डी.फार्मा मतलब फार्मेसी में डिप्लोमा होना चाहिए, जो दो साल का होता है, जिसमे १०+२ में विज्ञान वर्ग होना अनिवार्य है| अगर डिप्लोमा के बाद छात्र बी.फार्मा यानि बैचलर ऑफ़  फार्मेसी में जाना चाहता है तो उसे सीधे दूसरे साल में प्रवेश मिल सकता है |

फार्मेसी (Pharmacy) में डिप्लोमा के लिए कुछ शीर्ष कॉलेज:

  1. जामिया हमदर्द विश्विद्यालय (दिल्ली)
  2. बुंदेलखंड विश्विद्यालय (झाँसी, उत्तरप्रदेश)
  3. बोर्ड ऑफ़  टेक्नीकल एजुकेशन लखनऊ (उत्तरप्रदेश)
  4. सर,मदन लाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी (इटावा,उत्तरप्रदेश)
  5. दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च (दिल्ली)
  6. एमईटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी (मुंबई)

 इन संस्थानों में प्रवेश साक्षात्कार/प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है|

 

फार्मेसी (Pharmacy) में स्नातक (बी.फार्मा):

यदि आप किसी फार्मा इंडस्ट्री जैसे डाबर,सिप्ला डॉ.रेड्डी,लाइफबॉय,आदि में काम करना चाहते है तो आप के पास फार्मेसी में स्नातक कह तो बी.फार्मा की डिग्री होनी चाहिए|  स्नातक डिग्री के पाठ्यक्रम में फार्मा इंडस्ट्री में शैक्षिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है|

फार्मेसी (Pharmacy) में स्नातक डिग्री (बी.फार्मा) के लिए शीर्ष कॉलेज:   

  1. जामिया हमदर्द विश्विद्यालय (दिल्ली)
  2. बुंदेलखंड विश्विद्यालय (झाँसी, उत्तरप्रदेश)
  3. सर,मदन लाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी (इटावा,उत्तरप्रदेश)
  4. दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च (दिल्ली)
  5. एमईटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी (मुंबई)
  6. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल एंड रिसर्च(मोहाली)
  7. बॉमबे कॉलेज फार्मेसी (मुंबई)

 इन संस्थानों में प्रवेश साक्षात्कार/प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है|

 

डॉक्टर ऑफ़ फार्मेसी (Pharmacy) (फार्म.डी)

१०+२ के बाद फार्म. डी भी एक अच्छा विकल्प है, १०+२ के बाद छ: साल का कोर्स होता है, जिसमे पांच साल क्लिनिकल और समुदाय आधारित थ्योरी अध्ययन शामिल है, जिसमे अस्पतालों में एक साल की इंटर्नशिप को शामिल किआ गया है| जो छात्र फार्मेसी में स्नातक कर चुके और फार्म. डी करना चाहते है, वे मेरिट के आधार पर फार्मल फॉर्म से सीधे चौथे साल में प्रवेश ले सकते है|

फार्म.डी की डिग्री देने वाले शीर्ष संस्थान :

  1. सीएमआर कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, हैदराबाद
  2. एसएएल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी, अहमदाबाद
  3. ऑक्सफ़ोर्ड कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, बेंगलुरु
  4. शिवलिंग्शेवर कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, अल्मला
  5. आचार्य बीएम रेड्डी कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, बेंगलुरु
  6. केएलई यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, बेलगाम
  7. जयपुर राष्ट्रीय विश्विद्यालय, जयपुर

इन संस्थानों में प्रवेश फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया (पीसीआई)

के मानदंडो के अनुरूप होता है| तथा छात्र को साक्षात्कार/प्रवेश परीक्षा भी देनी होती है|

 

फार्मेसी (Pharmacy) में पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा

एम.फार्मा (मास्टर इन फार्मेसी)

बी.फार्मा के बाद अगर आप फार्मेसी में पोस्ट ग्रेजुएट करने की सोच रहे है तो, एम.फार्मा विकल्प के रूप में नीचे सूचीबद्ध किसी भी विषय को ले सकते है| ये आपको एक या दो विषयों में विशेषज्ञता हासिल करने और उसे भली भांति समझने में आपकी मदद करेंगे| ये विषय शोध के अवसरों और डिग्री के सन्दर्भ में भिन्न है|

वो विषय जिनसे आप फार्मेसी में पोस्ट ग्रेजुएट हो सकते है, नीचे सूचीबद्ध है:

  • Pharmacology: इसमे दवाओ और दवाओ के अध्ययन के साथ साथ, दवा शरीर पर उपयोग है और उसके प्रभावों के बारे में जानकारी देता है|
  • Pharmaceutics: इस विषय को  फार्मेसी का अनुशासन कहा जाता है, इसमे यह विषय दवाओ के बदलने की प्रक्रिया के सम्बन्ध रखता है|
  • Pharmacetical Analysis: प्रैक्टिकल रसायन विज्ञान की वह शाखा , जो किसी पदार्थ को पहचानने, शुद्धिकरण करने व का काम करती है| यह मिश्रित यौगिको को अलग करता है और बहुत से रासायनिक यौगको की संरचना को निर्धारित करता है|
  • Pharmaceutical Biotechnology:  इस क्षेत्र में, दवाओ के विकास के लिए जैव प्रोद्यौगिकी के सिद्धांत को लागू करते है|
  • Pharmacy Practice: इस क्षेत्र में दवाओ का निर्माण करना और उनका वितरण करना तथा स्वास्थ सेवाओ से सम्बन्धित नयी नयी सेवाए, क्लिनिकल सेवाए, सुरक्षा के लिए दवाओ की देख रेख करना था उनकी पूरी जानकारी करना|
  • Pharmacognosy: इस शाखा में हम विभिन्न पौधों, प्राकृतिक संसाधनो से प्राप्त दवाओ का ज्ञान प्राप्त करते है|
  • Pharmaceutical Chemistry: इस में रासायनिक यौगको की संरचना तैयार की जाती है और चिकत्सा उपचार में उपयोग करते है|
  • Industrial Pharmacy: इंडस्ट्रियल फार्मेसी दवा की गुणवत्ता, दवाओ का निर्माण, विकास तथा वितरण शामिल है|
  • Regulatory Affairs: इस में कीटनाशक, चिकत्सा उपकरण, पशु चिकत्सा, सौन्दर्य प्रसाधन, उत्पादों की सुरक्षा पर केन्द्रित है|
  • Quality Assurance: इसमे उत्पादों में गुणवत्ता का स्तर और वितरण की प्रक्रिया का ध्यान रखा जाता है|

फार्मेसी (Pharmacy) में पोस्ट ग्रेजुएट (एम.फार्म) के शीर्ष संस्थान है:

  1. जामिया हमदर्द विश्विद्यालय (दिल्ली)
  2. बुंदेलखंड विश्विद्यालय (झाँसी,उत्तरप्रदेश)
  3. दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च (दिल्ली)
  4. बिरला प्रोद्यौगिकी संस्थान (मेसरा,रांची)
  5. महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिल खंड,विश्विद्यालय (उत्तरप्रदेश)
  6. जादवपुर विश्वविद्यालय (कोलकाता)

 इन संस्थानों में प्रवेश GPAT परीक्षा के माध्यम से होता है|

  • Bridge course:  यह कोर्स क्लीनिकल प्रैक्टिस और अनुसंधान में काम करने वालो के लिए कौशल और करियर के विकल्पों को आगे ले जाता है| बी.फार्मा और नियमित फार्म.डी के बीच एक सेतु का काम करता है| कोर्स की समय सीमा दो साल और एक साल की इंटर्नशिप है|

कुछ शीर्ष संस्थान:

  1. मणिपाल कॉलेज ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज (मणिपाल)
  2. ऑक्सफ़ोर्ड कॉलेज फार्मेसी (बंगलुरु)
  3. पीएसजी कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी ( कोयम्बटूर)

    इन संस्थानों में प्रवेश साक्षात्कार/प्रवेश परीक्षा के द्वारा  होता है|

 

डॉक्टरेट इन फार्मेसी (पीएच.डी)

पीएच.डी. उन छात्रो के लिए बेहतर विकल्प है जो शोध के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है|पीएच.डी के लिए न्यूनतम योग्यता फार्मेसी में पोस्ट-ग्रेजुएट होना चाहिए| इसकी समय सीमा तीन साल न्यूनतम है|

शीर्ष संस्थान जो पीएच.डी करते है:

  1. जामिया हमदर्द विश्विद्यालय (दिल्ली)
  2. यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज (चंडीगढ़)
  3. जगद्गुरु श्री शिवरात्रेधरा विश्वविद्यालय, मैसूर (कर्नाटक)

         इन संस्थानों में प्रवेश साक्षात्कार/प्रवेश परीक्षा के द्वारा  होता है|

 

फार्मासिस्ट काम पर :

(Pharmacist at work)

फार्मासिस्ट, सामुदायिक फार्मेसियो, अस्पतालों, मेल आर्डर, फार्मेसी केन्द्रों, इंडस्ट्री और सरकारी एजेंसियों में काम करते है|फार्मासिस्ट का काम अनुभव और कार्य क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग होता है|

  • फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री: फार्मासिस्ट इंडस्ट्री में बहुत से अलग-अलग काम करता है| इस तरह फार्मासिस्ट का काम आमतौर पर दिखाई नही देता और रोगियों के सीधे सम्पर्क में नही आते, फिर भी फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में मुख्य भूमिका निभाता है| वे अनुसंधान विकास, उत्पादन और निर्माण, पैकिंग, गुणवत्ता नियंत्रण,बिक्री आदि की देख रेख करता है| 
  • प्रैक्टिस: फार्मासिस्ट नर्सो, डॉक्टरों और रोगियों के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है| फार्मासिस्ट, सामुदायिक फार्मासिस्ट के रूप में मेडिकल स्टोर या फार्मेसी में काम करता है| फार्मासिस्ट अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सो से दवा से जुड़े मामलो पर बातचीत करते है| दवा और जहर के बीच का अंतर समझता है|
  • एजुकेशन एंड रिसर्च: फार्मासिस्ट रिसर्च करने के साथ साथ नई दवाओ के विकास और उनके प्रभावों का परिक्षण करते है| कॉलेजों में फार्मासिस्ट एक शिक्षक के रूप में काम करता है|
  • अन्य क्षेत्र में फार्मासिस्ट: फार्मासिस्ट ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट में विभिन्न वर्गों में भी कम करते है|

                                  डेटा प्रबन्धन, चिकत्सा सेवाओ, क्लिनिकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (सीआरओ) और रिपोर्ट लेखन आदि में फार्मासिस्टो के लिए बहुत से अवसर होते है|

 

भारत में फार्मेसी (Pharmacy) का स्कोप:

औषधि विज्ञान में करियर के बहुत अवसर है| जैसे कि:

  • रिसर्च एंड डेवलपमेंट: दवाओ का व्यापार एक ऐसा व्यापार है जो अनुसन्धान और विकास पर काम करता है| इस क्षेत्र में शोधकर्ता, नई दवाओ के साथ-साथ उनके विकास, और क्लिनिकल परीक्षणों के विकास पे जोर देते है|
  • विश्लेष्ण और परिक्षण: विश्लेष्ण ओए परिक्षण विशेष रूप से एक उचित गुणवत्ता नियंत्रण और गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए काम करते है|
  • मार्केटिंग एंड सेल: फार्मेसी के क्षेत्र में यह क्षेत्र सबसे बेहतर मन जाता है|कई तरह की कम्पनियों के प्रोडक्ट मार्केट में सेल करके पैसे कम सकते है|
  • अस्पताल: फार्मेसी में फार्मासिस्ट की एक महत्वपूर्ण भूमिका है|वे अस्पताल की फार्मेसी में काम करने के साथ-साथ अस्पताल के रख-रखाव की जिम्मेदारी भी लेते है|
  • नियामक निकाय: खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) नियामक संस्था है जो ड्रग और फार्मास्यूटिकल उद्योग के लिए नियमो को लागू करने के सम्बन्ध में काम करती है|

ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर, डिप्टी ड्रग कंट्रोलर, ड्रग कंट्रोलर ऑफ़ स्टेट, और ड्रग कंट्रोलर ऑफ़ इंडिया में से कुछ पदों के लिए आवेदन कर सकते है|

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